translation

अनुवाद के क्षेत्र में अद्भुत चीजें


परिचय: मीडिया की बाढ़ और बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा अज्ञात भाषाओं के लिखित शब्दों के अर्थ तलाशने के कारण अनुवाद के व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

एनबीटी वर्ल्ड बुक फेयर 2018 ब्लॉग: चौथा दिन - मंगलवार 09 जनवरी 2018

संजय वी शाह की लेखनी से…

स्टॉल धारकों से मिलने और विश्व पुस्तक मेला 2018 में आगंतुकों के साथ बातचीत करने के बाद नेशनल बुक ट्रस्ट के इस आयोजन में हमें कई चीजों का पता लग रहा है। उनमें से कई बातों का तो पहले से अनुमान था, लेकिन कुछ बिल्कुल अप्रत्याशित है। हर रोज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हजारों लोग इस आयोजन का दौरा कर रहे हैं। वे अपने साथ नई-नई राय लेकर आते हैं। विषयों में उनकी अंतर्दृष्टि और समझ अलग-अलग होती है। और इस कारण उनसे मिलने के बाद हमें एक नई सोच के साथ दुनिया को देखने में मदद मिलती है।

हॉल संख्या 12 में हमारी स्टॉल 151 एक इस्लामी संगठन के भव्य साज-सज्जा से युक्त काफी बड़े स्टाल के सामने स्थित है। दूसरी तरफ, हमारे पड़ोसी के रूप में हमारे बगल में ऑमेज़ॅन कंपनी की एक स्टॉल है फिर, हमारे बाएँ-दाएँ, एक नई दिल्ली स्थित प्रकाशक, एक धार्मिक समूह की एक स्टॉल, एक मराठी प्रकाशक की स्टॉल और इसी तरह कई अन्य भी हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हम डब्ल्यूबीएफ 2018 में आकर एक लघु भारत के बीच काफ़ी आनंदित महसूस कर रहे हैं।

आज हमारे स्टाल पर आगंतुकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई। जिज्ञासु दर्शकों से लेकर अनुवादकों, डिजाइनरों, अन्य स्टालों के प्रतिनिधियों जैसे गुणी व्यक्तियों से पूरे दिन से मिलते रहे। हमें अन्य स्टाल धारकों से अनुवाद और वेब डिजाइनिंग के लिए कुछ व्यापारिक एन्क्वायरी भी मिली है। उम्मीद है कि वे व्यवसाय में भी परिवर्तित हो जाएंगे।

हमने वर्तमान में अनुवादकों की आवश्यकता के मद्देनजर आज कुछ समाचार पत्रों में विज्ञापन भी जारी किए थे। इस कारण सुबह से ही कॉल आने शुरू हुए और कॉल करने वालों ने दोपहर से हमारी स्टाल पर आना करना शुरू कर दिया। यह जानकर ताज्जुब हुआ कि हमें अपनी जरूरत के भाषाओं की जोड़ी भारतीय अनुवादक भी उपलब्ध करा सकते हैं। इन कॉल करने वालों में से एक हिंदी, अंग्रेजी, स्पेनिश और फ्रेंच में कुशल था। एक अनुभवी अनुवादक ने हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत पर अपनी सिद्धहस्तता के साथ हमें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। एक अनुवादक के रूप में उनके नाम कई पुस्तकें हैं। हालांकि, यह जानकर बहुत दुःख हुआ था कि कई प्रकाशकों ने उन्हें उनके काम के लिए भुगतान नहीं किया था। इस तरह के प्रकाशकों पर उनके करीब 22 लाख रुपए बकाया हैं।

आज हमारी टीम के सदस्यों ने भी कई स्टालों का निरीक्षण किया। वे कुछ आशाजनक पेशकशों के साथ वापस आए। हम अपने मुंबई कार्यालय में नियमित रूप से वापस आने के बाद निश्चित रूप से इन सौदों को व्यापार में बदलने की कोशिश करेंगे।

आपको भी मांगरोल मल्टीमीडिया में आमंत्रित किया जाता है: हॉल 12, स्टॉल 151

NBT WBF 2018: चौथा दिन एक नज़र में:

• विश्व बुक मेला 2018 के सभी स्टॉल धारकों के लिए मंगलवार लोगों की आमद के मामले में एक बेहतर दिन साबित हुआ।

• हमारे स्टॉल पर भी आगंतुकों की संख्या में वृद्धि हुई। हमें कुछ अन्य स्टॉल धारकों से अनुवाद, लेखन और वेब डिजाइनिंग की एन्क्वायरी भी मिली है।

• आज हमारे स्टॉल पर एनबीटी के एक अधिकारी भी थे। उन्होंने हमें हमारे अनुभवों के बारे में पूछा।

• नई दिल्ली के कुछ प्रमुख समाचार पत्रों में अनुवादकों को आमंत्रित करने हेतु हमारे विज्ञापन का बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला। हमें और भी प्रतिभाशालियों से मिलने और उनके साथ काम के बारे में चर्चा करने की उम्मीद है।

• मांगरोल मल्टीमीडिया हॉल 12 के 151वें स्टॉल पर है, अतः जो लोग इस विश्व पुस्तक मेला 2018 की यात्रा कर रहे हैं, उनका हमारी स्टॉल पर स्वागत है। हम मीडिया से जुड़ी अनेकों सेवाएँ एक ही छत के नीचे प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें 40 से अधिक भाषाओं में लेखन और अनुवाद, व्याख्या, प्रतिलेखन, ट्रांस-क्रिएशन, ग्राफिक डिजाइनिंग, वेब समाधान आदि शामिल हैं।

 

(संजय वी शाह मांगरोल मल्टीमीडिया के संस्थापक-सीईओ हैं।)

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